मेरी बचपन की प्रेम कहानी - कविता

आपका हार्दिक स्वागत है hindilovestories.com पर , आज आप इस story में पढेंगे कविता की बचपन की सच्ची प्रेम कहानीकहानी बहोत ही अच्छी है और उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आएगी 

childhood love
Credit goes to thebridalbox

STORY CONTRIBUTOR

Character : Kavita and Pankach

Written by : Kavita

Presented by : Kavita


मेरा नाम kavita Tiwari है, 19 साल की हूँ और मै अपनी बचपन की love story share कर रही हूँ   ये कहानी मेरी और Pankach की है   मेरी आपसे विन्ती है, इस स्टोरी को पुरी पढ़े 

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पेहली मुलेकात

मै Pankach से उस वक़्त मिली थी जब class में पढ़ती थी उसका घर मेरे घर से 4 KM की दूरी पर है मुझे याद है आज भी अच्छी तरह से हम स्कूल में साथ खेलते थे लंच टाइम फिर हम दोनों एक ही स्कूल में एक साथ metric passed out कर लिए और हमारे बिच normally दोस्ती ही थी


फिर मै किसी दुसरे कॉलेज में एडमिशन ले ली और वो किसी दुसरे में कभी सोची  नहीं थी हम फिर से मिलेंगे भी और हमें प्यार हो जायेगा  

1 साल पहले

एक दिन अचानक से वो मुझे दुर्गापुजा के मेले में मिल जाता है काफी दिनों के बाद , फिर Hii aur hello होती है और उसने मेरा mobile no. माँगा हम स्कूल के friends थे तो मै दे दी , करीब 30 मिनट तक हम दोनों की बातें हुई 


उसी दिन रात में मुझे वो कॉल करता है...

pankach : Hello कैसी हो .....Disturb तो नहीं किया 
kavita : ठीक हूँ, इतनी रात को call करोगे तो problem में जरूर आ जाउंगी 

pankach : Okh sorry, मुझे लगा तुम comfortable होगी , ठीक है अब जब कभी call करूँगा तो दिन में 
kavita : अभी chat कर सकते हो 

pankach : बिलकुल कर सकता हूँ 


मेरी बचपन की प्रेम कहानी 

हम दोनों उस रात सुबह के 5 बजे तक Chatting किये और बचपन की बातें और यादें को भी याद किये मै उससे बात कर के बहोत अच्छा महसूस कर रही थी और शायद एक दुसरे को हम पसंद भी करने लगे थे 


इसी तरह हमारी बातें रोज़ होने लगी, दिन मे हम ज्यादा सोते और रात भर chattingएक दिन मुझे pankach ने कहा मेरे साथ मूवी देखने चलोगी next sunday को मै थोड़ी सोची फिर हाँ बोल दी  फिर sunday को हम साथ में मूवी देखे और काफी enjoy भी किये  


प्यार का प्रस्ताव

रात में हमारी chat हो रही थी हर रोज़ की तरह मगर आज की chat कुछ अलग सी लग रही थी क्यों की दिन में हम पूरा वक़्त साथ में spend किये थे  बातों ही बातों में पंकच ने मुझसे कहा मै तुम्हे बहोत पसंद करने लगा हूँ अगर तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनती हो तो मै तम्हे हमेशा खुस रखूँगा वादा करता हूँ।
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मै बोली अचानक से कैसे ये सब तो वो बोला पता नहीं लेकिन मै तुमसे सच में प्यार करने लगा हूँ,हम बचपन से एक दुसरे को जानते है,Trust me मै तुम्हे सच्चा प्यार दूंगा क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी 


मै उसे बोली थोडा वक़्त चाहिए, finally मै next day उसे yes कर दी और इस तरह मुझे वो प्यार मिला जिसे मै बचपन से जानती हूँ वो बहोत care करता है मेरी और मै उसके साथ बहुत खुस हूँ  यही है मेरी बचपन की प्रेम कहानी 

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